COVID-19 के लिए Plasma therapy इलाज सिद्ध हो सकती है

0
159
कोरोना से मरने वाले लोगो की डेड बॉडी को कैसे संभाले जानिए

Covid 19 Corona Virus Best Information in Hindi

आज देश और पूरी दुनियाभर में COVID-19 तेजी से फैल रहा है वही सभी हेल्थ केयर डिपार्टमेंट कोरोना वायरस का इलाज ढूंड रही है। और जब तक इस वायरस का कोई उपयुक्त इलाज नहीं मिलता तब तक एक थेरेपी है जो इस बीमारी में एक ब्रेक साबित हो सकता है। जिसे Plasma Therapy के नाम से जाना जाता है।

इस लेख को भी जरुर पढ़ें: भारत के शहरों को किया जा रहा हॉटस्पॉट

Plasma Therapy क्या है और यह कैसे काम करती है

सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि प्लाज्मा थेरेपी क्या है। यह कोई नई तकनीक नहीं है यह तकनीक बहुत पुरानी है इस तकनीक को पहले इस्तेमाल किया जाता था। जब किसी भी बीमारी का इलाज करने के लिए कोई उपयुक्त इलाज नही था तो सभी इसी तकनीक का उपयोग करते थे। यह तकनीक हमारे शरीर मे मौजूद एक तत्व से तैयार होती है। हमारे ब्लड का रंग लाल होता है और उसमें तीन तत्व पाए जाते है। पहला पीला भाग जो कि प्लाज्मा कहलाता है यह भाग 55% होता है। और दूसरा भाग सफेद भाग होता है जिसकी मात्रा 1% होती है। और तीसरा भाग जो कि लाल कोशिकाएं होती है। उनकी मात्रा 45% होती है। और जो पीला हिस्सा होता है वो हिस्सा प्लाज्मा कहलाता है वही इस थेरेपी में उपयोगी होता है। COVID-19 से जो मरीज ठीक हो चुके हैं। उनके खून से इस प्लाज्मा को अलग करके जो COVID-19 से संक्रमित है उनमें यह इंजेक्ट किया जाएगा। पर यह क्रिया बहुत लंबी है। जो व्यक्ति इस संक्रमण से ठीक हो चुके है पहले उनको खून देने के लिए प्रेरित करना पड़ेगा फिर उसके पश्चात उनके खून की टेस्टिंग की जाएगी कि उन्हें कोई और बीमारी तो नही है। फिर उसके पश्चात उनके खून से पीले वाले हिस्से जो प्लाज्मा है उसको अलग करना पड़ेगा। फिर उसके दौरान मरीज के शरीर मे इसे इंजेक्ट कर सकते हैं। इस थेरेपी का उपयोग चीन के SAIZAN HOSPITAL ने फरवरी माह में शुरू कर दिया था जिससे वहां पे कुछ मरीज इस थेरेपी से ठीक हुए हैं। इस थेरेपी का उपयोग आज से ही नहीं अपितु आज से 100 साल पहले जब Spanish फ्लू महामारी फैली थी उस दौरान भी इस थेरेपी का उपयोग हुआ है। सन 2009 में जब स्वाइन फ्लू फैला था तब भी यह थेरेपी उपयोगी सिद्ध हुई थी। पुराने समय मे किसी भी बिमारी के लिए घोड़े के खून से लोगों का इलाज किया जाता था। लेकिन यह COVID-19 का इलाज नहीं है इस थेरेपी को हम इसलिए इस्तेमाल कर सकते है जब तक कोरोना का सही इलाज नही मिल जाता। इस थेरेपी के इस्तेमाल करे जाने के कारण World के सभी Health Department को COVID-19  का उपयोगी इलाज ढूंढने में मदद सिद्ध होगा क्योंकि इलाज ढूंढने में थोड़ा समय ओर मिल जाएगा।

SHARE
Previous articleCOVID-19 से स्पेन में क्यों बड़ रहा है मौतों का सिलसिला
Next articleयूरोपीय देशों में कैसे खोजा जा रहा है COVID-19 का इलाज
Moniveer: Moniveer PuraBharat.com में आपका तह दिल से स्वागत करता हु और PuraBharat.com पढ़ने वालो को दिल से धन्यावाद करता हूँ मेरा यह ब्लॉग बनाने का मकसद सिर्फ आप लोगों तक कुछ जरुरी जानकारी देना है! मेहनत हमेशा खामोशी से करो और जीत ऐसी करो कि तुम्हारे फैसले दुनिया को बदल दे न कि दुनिया के फैसले तुम्हें बदल सके। जब तक दिल मे हार का डर रखोगे जीतना मुशिकल हो जाएगा हार हो या जीत मैदान कभी मत छोड़ो क्योंकि हार भी बहुत जरूरी है जब तक हारोगे नही जीत का आनंद नहीं उठा सकोगे जीत भी उसी की होती है जो हारना जानता है क्योंकि जीत का असली आनंद हारा हुआ व्यक्ति ही उठा सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here