गुजरात के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी

0
109

Knowledge about Gujraat

गुजरात भारत देश का राज्य है! यह राज्य भारत के पश्चिम में स्थित है! गुजरात भारत का बहुत महत्वपूर्ण राज्य है!  गुजरात की राजधानी गांधीनगर है! गुजरात क्षेत्रफल के आधार पर 5वां और जनसँख्या के आधार पर 9वां राज्य है! गुजरात में भारतीय संस्कृति परम्परा को आज भी बहुत माना जाता है! गुजरात राजस्थान, मध्य प्रदेश, और महाराष्ट्र की सीमा के साथ लगता है! गुजरात की राजधानी गांधीनगर पुरे एशिया का सबसे हरियाली वाला स्थान है! भारत के सबसे अधिक धनिक पांच व्यक्तियों में से तीन गुजरात से ही है! गुजरात में स्थित अलंग विश्व का सबसे बड़ा शीप ब्रेकिंग यार्ड है! अलंग के दरिया किनारे पे करीबन 150 से भी ज्यादा प्लांट्स है! जिसमें 40,000 मजदूरों की रोजी रोटी का साधन है! यहाँ पर विश्व के 50% जहाजों का काम होता है! वही गुजरात में स्थित सूरत शहर जो की हीरों के उद्योग के लिए जाना जाता है! हीरे के व्यापार के लिए सूरत मुख्या केंद्र है! गुजरात में स्थित पालीताणा शहर विश्व का मात्र एक ऐसा शहर है जहां पे 900 से भी ज्यादा जैन मंदिर है! गुजरात का समुंद्रतट भारत के सभी राज्यों के मुकाबले सबसे लम्बा है! विश्व की सबसे बड़ी तेल की रिफाइनरी गुजरात के जामनगर शहर में स्थित है! यह रिफाइनरी रिलायंस कंपनी की है! M. S. university को भारत ने श्रेष्ट university में आती है जो की गुजरात में स्थित है! बालशिनोर का जुरासिक पार्क विश्व का दूसरा नंबर का शहर है! यहाँ पर डायनाशोर के अवशेष और अंडे देखने को मिलते है! अहमदाबाद में स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट  ( I.I.M ) विश्व के 24वें नंबर पर है! और एशिया की पहले नंबर की मैनेजमेंट कॉलेज है! वही कृषि की बात करे तो गुजरात 13% विकास के साथ पहले नंबर पर है! कच्छ में आया हुआ मुंद्रा बन्दर भारत का सबसे बड़ा खानगी बन्दर है! जिसको अदानी पोर्ट और सेज़ लिमिटेड जैसी कंपनी चला रहीं है! सरदार सरोवर बांध जो कि  नर्मदा नदी के तट पर बना गुजरात का सबसे लम्बा बांध है! गुजरात  स्थित सोमनाथ मंदिर प्रसिद्ध हिन्दु यात्राधाम का मुख्य है जो कि 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है! गुजरात के गांधीनगर में स्थित अक्षरधाम मंदिर जिसका निर्माण 6000 टन गुलाबी पत्थर से बना हुआ है! बनासकांठा जिले में स्थित अम्बाजी माता  का मंदिर भारत के शक्तिपीठों  में से एक है! अहमदशाह के शासनकाल के दौरान सं 1424 में बनी जमा मस्जिद अहमदाबाद में स्थित है! इसको जुम्मा मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है! वडोदरा शहर में स्थित लक्ष्मी विलास पैलेस गुजरात का गौरव है! मोढेरा में स्थित एक सूर्यमंदिर है यह मंदिर भगवान् सूर्यदेव को समर्पित है! इस मंदिर की खास बात यह है कि  सूर्योदय के प्रकाश की पहली किरण मंदिर के गर्भगृह में पड़ती है! अहमदाबाद में स्थित साबरमती आश्रम गाँधी आश्रम के नाम से भी जाना जाता है! यहाँ पर गाँधी जी के चश्मे, जूते, और किताब देखने को मिलेगी! गुजरात के आनंद में स्थित अमूल डेरी संन 1946 में बनीं थी! जिसको सरकारी संस्था द्धारा चलाया जाता है! अमूल डेरी ने स्वेत क्रांति को जन्म  देके भारत को सबसे बड़े प्रमाण में दूध और उनकी बनावट के उत्पादन के लिए बहुत खास स्थान दिलाया है! कच्छ में स्थित हाजीपीर की दरगाह एक पवित्र स्थल है जहॉ पर सभी धर्म के लोग जातिवाद को भूलकर आते है!

गुजरात  का इतिहास

गुजरात का इतिहास सबसे पुराण इतिहास है यहाँ का इतिहास पाषाण युग को दर्शाता है की यहाँ पर पाषाण युग में भी लोग रहा करते थे जिसके इतिहासकारो को कुछ सबूत है! 700 ऐसी जगहें है जहां पर पाषाण युग इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार भी मिले है! जैसे शिकार करने वाले हथियार! इंसानो की आदत रही है की इंसान हमेशा विकासशील होना चाहता है! इसी विकास से शुरू हुआ कांस्य युग में सिंधु घाटी सभ्यता! इस युग में लोग कांस्य युग से इसलिए जाना जाता है क्योंकि इस युग में लोहे के हथियार बनाना शुरु कर दिए जिनका उपयोग कई कामो के लिए होना शुरू हो गया! पहले लोग शिकार करते और जंगली तरीके  करते थे! 4000 ईसा पूर्व शुरू हुयी सिंधु घाटी सभ्यता के दौरान लोग प्रशाशनिक तरीके से रहने लग पड़े! जिस दौरान व्यापर होने लगा था! और इसके बाद की राज्यों का विकास होने लगा! उस दौरान भारत में 16 राज्य हुआ करते थे! जिन्हे महाजनपद कहा जाता था जिसका मतलब हुआ इंसानो की बस्ती! जहां पर व्यापर होता था कृषि होती थी! उस दौरान लोगो ने अपना सरदार चुनना शुरू कर दिया और जो सरदार बनता उसी के परिवार में भी दूसरा सरदार चुना जाता यानि पहले जो सरदार था फिर उसका बेटा ऐसे पीढ़ी दर पीढ़ी चलने लगा! इसी दौरान सरदार अपने पास सेना भी रखने लग पड़े! 300 ईसा पूर्व मौर्य साम्राज्य शुरू हुआ जिसमे चन्द्रगुप्त मौर्य उनका राजा था और सलाहकार आर्य चाणक्य हुआ करते थे! मौर्य साम्राज्य के पतन के दौरान गुजरात में सीमा सुरक्षा कम हो गई! उसके दौरान गुजरात में साका वंश ने राज किया! और 4th  century में गुजरात में गुप्त साम्राज्य स्थापित हो गया! 8th century के बाद कर्नाटक से आये चालुक्य वंश ने अपना राज्य स्थापित किया! फिर राजपूत वंश गुजरात में स्थापित हुआ! उसी दौरान संन 1000-1027 तक महमूद ग़ज़नी ने उत्तर भारत को कुल 17 बार लूटा! उसने आखिर बार सोमनाथ मंदिर जो की गुजरात में स्थित है उसको लूटा वहां पर उसने पहले से भी ज्यादा लूट की! इस दौरान राजपूत योद्धाओ ने उसका कड़ा मुकाबला किया पर उसकी बड़ी सेना के आगे कमजोर पड़ गए! जिस कारण राजपूत वंश कमजोर पड़ गए फिर भी कुछ समय तक वो गुजरात में ही विराजमान रहे! जब अलाउद्दीन खिलजी ने दिल्ली का तख़्त संभाला तब उसने पहले गुजरात और फिर महाराष्ट्र पर कब्ज़ा कर लिया! और गुजरात और महाराष्ट्र दिल्ली सल्तनत के अधीन आ गए! उसके बाद जब तुगलक सुल्तान दिल्ली छोड़ कर भगा था तब इसी बात का फायदा उठाकर जफ़र खान  गुजरात का सुलतान घोषित कर दिया! उसके डोरा 1573 में मुग़ल सम्राट अकबर ने गुजरात सल्तनत को हराकर वह अपनी जीत हासिल की! और मुग़ल सम्राज्य कायम किया! उसके बाद ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में स्थापित हुई! उसने अपनी पहली फैक्ट्री गुजरात के सूरत में मुग़ल सुल्तान जहांगीर ने इसकी आज्ञा दी! और उसके 200 साल तक उन्होंने पुरे भारत बर्ष में अपना कब्ज़ा कर लिया! पहले ब्रिटिश ने मुग़लो का सामना किया उसके बाद उन्हें मराठाओ का सामना करना पड़ा! 1947 में जब भारत को आज़ादी मिली तब एक राज्य बनाया गया! बॉम्बे राज्य जिसमे गुजरात और महाराष्ट्र दोनों आते थे! पर 1956 में महागुजरात प्रकिया शुरू हुयी जिसमे कहा गया की बॉम्बे राज्य एक बड़ा राज्य है! जिसमे दो भाषाओं के लोग रहते है! और भाषा के आधार पर दो अलग- अलग राज्य बनाये गए! जिसमे महाराष्ट्र बना मराठी भाषा लोगो के लिए और गुजरात बना गुजराती भाषा लोगो के लिए!

SHARE
Previous articleराजपूत पृथ्वीराज चौहान के जीवन की जानकारी
Next articleमहाराष्ट्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी
Moniveer: Moniveer PuraBharat.com में आपका तह दिल से स्वागत करता हु और PuraBharat.com पढ़ने वालो को दिल से धन्यावाद करता हूँ मेरा यह ब्लॉग बनाने का मकसद सिर्फ आप लोगों तक कुछ जरुरी जानकारी देना है! मेहनत हमेशा खामोशी से करो और जीत ऐसी करो कि तुम्हारे फैसले दुनिया को बदल दे न कि दुनिया के फैसले तुम्हें बदल सके। जब तक दिल मे हार का डर रखोगे जीतना मुशिकल हो जाएगा हार हो या जीत मैदान कभी मत छोड़ो क्योंकि हार भी बहुत जरूरी है जब तक हारोगे नही जीत का आनंद नहीं उठा सकोगे जीत भी उसी की होती है जो हारना जानता है क्योंकि जीत का असली आनंद हारा हुआ व्यक्ति ही उठा सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here