प्रथम विश्व युद्ध के बारे में जरूरी बातें

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प्रथम विश्व युद्ध के बारे में जरूरी बातें

Information About First World War

प्रथम विश्व युद्ध को “THE GREAT WAR” “THE WAR TO END ALL WARS” & “GLOBAL WAR” आदि नाम से जाना जाता था! ऐसा माना जाता था कि यह युद्ध अब तक का सबसे बड़ा युद्ध था! और अगले 60-70 वर्ष तक ऐसा युद्ध नहीं होगा! परन्तु जब दूसरा विश्व युद्ध हुआ तब इसे प्रथम विश्व युद्ध के नाम से जाना जाने लगा! इसे विश्व युद्ध इसलिए  कहा गया क्योंकि इसमें दुनिया के बड़े आपस में लडें थे! प्रथम विश्व युद्ध 28 जुलाई 1914 से लेकर 11 नवम्बर 1918 तक चला था! यह युद्ध दो समुदायों के मध्य लड़ा गया था जिनमे से एक ALLIED POWER जिसके सदस्य रसिया, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान और अमेरिका थे! और दूसरा समुदाय CENTRAL POWERS जिसके सदस्य ऑस्ट्रिया- हंगरी, जर्मनी, और ओटोमन एम्पायर जिसमे आज के दौर में बहुत से यूरोपीय देश शामिल है!

प्रथम विश्व युद्ध के होने के क्या कारण थे

प्रथम विश्व युद्ध का पहला मुख्य कारण सन्धियाँ थी जिस दौरान सभी देश अपनी ताकत को बनाए रखने के लिए अलग-अलग देशों ने एक दुसरे के साथ समझौते कर लिए थे! परन्तु किसी दुसरे देश को इस बारे में कुछ मालूम न था कि इस देश का दुसरे देश के साथ समझौते है! इनमे से कुछ समझौते इस प्रकार है:

ट्रिपल अलायंस यह समझौता जर्मनी, इटली और ऑस्ट्रिया-हंगरी के मध्य 1882 में हुआ था! इसके अनुसार अगर किसी एक देश पर हमला होता है तो तीनों देश एकजुट हो जाएंगे!

टरपिल अंतोत यह 1907 में फ्रांस, ब्रिटेन और रसिया के मध्य हुआ था!

प्रथम विश्व युद्ध का दूसरा मुख्य कारण मिलिट्रीसम था! हर देश अपने आपको अधिक शक्तिशाली सिद्ध करने के लिए नए-नए हथियार नए-नए टैंक, मशीन गन्स और बड़ी और अधिक शक्तिशाली सेना की दौड़ में थे इस दौड़ में सबसे आगे ब्रिटेन और जर्मनी थे! इसी दौड़ में सभी देशों ने अपनी-अपनी शक्तियों का प्रयोग किया और यही विश्व युद्ध का मुख्य कारण बना!

प्रथम विश्व युद्ध का तीसरा मुख्य कारण साम्राज्यवाद था! उस समय के पश्चिम यूरोप के देश चाहते थे कि वो दुसरें देशों पर अपना राज करके अपनी शक्तियों को बढ़ाना चाहते थे! इनमें ब्रिटेन इनमे सबसे आगे था जिसने भारत को भी अपने अधीन कर लिया था! ब्रिटेन ने दुनिया में 25 फीसदी अधिकार कर लिया था! इसमें सभी यूरोपियन देशों ने अफ्रीका में कब्ज़ा करना शुरू कर दिया था! क्योंकि यह एरिया में काफी बड़ा था!

Death of Archduke Franze Ferdinand 28 june 1914

Archduke Franze Ferdinand ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार थे और जल्द ही राजा बनने वाले थे! एक बार वो ऑस्ट्रिया-हंगरी के एक शहर घुमने आये थे यहाँ पर ब्लैक हुंग नाम की एक संस्था ने इनके ऊपर हमला किया और और संस्था के एक आदमी ने इनकी हत्या कर दी! जिससे वहाँ के लोग भड़क उठे और सर्बिआ को धमकी देने लगे क्योंकि सर्बिआ बॉसनिया के पास का देश है जहा के अधिकारीयों ने बॉसनिया के राजकुमार को मरवाकर बॉसनिया को आज़ाद करवाने की साजिश रची थी!

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जुलाई Crisis july 1914

ऑस्ट्रिया-हंगरी ने बिना युद्ध किए सर्बिया को अपने हवाले होने को कहा सर्बिया ने रसिया से मदद मांगी क्योंकि इन दोनों देशों में सैल्विक लोग रहते थे!और रसिया पहले से ही इस बात में दखलंदाजी करना चाहता था! अब ऑस्ट्रिया-हंगरी ने जर्मनी से मदद मांगी क्योकि इन दोनों देशों में 1882 में एक संधि हुई थी ! जर्मनी ने भी ऑस्ट्रिया-हंगरी को सपोर्ट किया! इसे जुलाई क्राईसिस भी कहते है! यह सब 28 जून को प्रिंस की मौत के बाद जुलाई महीने में हुआ था!

युद्ध की घोषणा

ऑस्ट्रिया-हंगरी और जर्मनी ने सर्बिआ पर युद्ध करने की घोषणा कर दी उसके बाद रूसिया ने जर्मनी पर युद्ध करने की घोषणा कर दी और कुछ ही दिन बाद फ्रांस ने भी जर्मनी पर युद्ध करने की घोषणा कर दी! क्योंकि रसिया और फ्रांस ने भी एक संधि की थी! जो थी ट्रिपल एंटोन पर इस संधि में शामिल इटली ने यह कह कर दल बदल लिया कि उसका समझौता सिर्फ रक्षा के लिए हुआ था न कि युद्ध करने के लिए! युद्ध के शुरूआती के कुछ महीने पहले से ही ट्रिपल एंटोन ने लड़ना शुरू कर दिया था!

युद्ध की शुरुआत

अब जुलाई क्राइसिस के पश्चात् अगस्त 1914 में युद्ध की शुरुआत हुई! सबसे पहले जर्मनी ने फ्रांस पर हमला किया क्योंकि रसिया की आर्मी बहुत बड़ी थी और फ्रांस को पहले रास्ते से हटाना चाहते थे बाद में रसिया पर अटैक करना चाहते थे! इसके लिए उन्होंने बेल्जियम का रास्ता चुना और फ्रांस पर अटैक किया! जैसे ही जर्मनी की आर्मी बेल्जियम के रास्ते में घुसी वैसे ही ब्रिटेन ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी! क्योंकि ब्रिटेन और बेल्जियम के बीच 1839 में एक संधि हुई थी! जिसमे ब्रिटेन को बेल्जियम की रक्षा करनी थी! इसलिए अब ब्रिटेन ने भी अपनी आर्मी को फ्रांस की मदद करने के लिए भेज दिया! जर्मनी फ्रांस में घुसने में तो सफल रहा परन्तु फ्रांस को हरा नहीं पाया क्योंकि ब्रिटेन ने फ्रांस को सपोर्ट किया और दूसरी ओर जर्मनी ने रसिया के 3 लाख सैनिकों को मार कर उसे हरा दिया! उसके बाद ओटोमन एम्पायर ने रसिया पर 29 अक्टूबर 1914 में अटैक कर दिया क्योंकि यह दोनों बहुत पुराने दुश्मन थे और एक दुसरे पर अधिकार करना चाहते थे! इसका दूसरा कारण यह भी है की रसिया जिस समुंद्री रास्ते से दुनिया के साथ जुड़ा हुआ था वो ओटोमन एम्पायर के पास Dardanalles Straits से होकर जाता था! और रसिया यह चाहता था की ओटोमन एम्पायर उसके रास्ते में कोई बाधा न डाले इसलिए यह एक दुसरे के खिलाफ युद्ध में उतरे उसके बाद ओटोमन एम्पायर ने सुएज कनाल के ऊपर हमलाकर दिया क्योंकि ब्रिटिश और इंडिया को जोड़ने वाली यह मुख्य कड़ी थी! हालांकि बाद में इसे बचा लिया गया लगभग 3 साल तक न जर्मनी आगे बड़ा न फ्रांस! उस समय लड़ाई TRENCHES में होती थी जो जमीन के अन्दर निकाली गयी नालियाँ होती हैं जहाँ सैनिक गोलियां चलाते तथा यह बचाव में भी काम आती सैनिक अपना बहुत सारा समय यहीं गुजारते थे!

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BATTLE OF SOMME( 1JULY1916- 18 NOVEMER 1916)

यह युद्ध 1 जुलाई 1916 से 18 नवम्बर 1916 तक चला इस युद्ध में ALLIED POWER के एक दिन में 80,000 से ज्यादा सैनिक मारे गए थे जिनमे से ज्यादा ब्रिटेन के थे! फ्रांस और ब्रिटेन ने अफ्रीका में जर्मनी की कॉलोनी पर हमला कर दिया वहीँ दूसरी और जापान ने चाइना और मिक्रोमेशिया में जर्मनी की कुछ कॉलोनी में हमला कर दिया! जापान युद्ध में और ब्रिटेन के बीच हुई एक संधि के कारण युद्ध में कूद पड़ा BLACK SEA में ओटोमनशिप में रसिया की कुछ बंदरगाहों पर हमला कर शुरू कर दिया! टर्की यानि ओटोमन एम्पायर के केल्लीपाली शहर पर ऑस्ट्रेलिया और न्यू-जीलैंड की आर्मी ने हमला करना शुरू कर दिया! पर इसे पूरी सफलता नहीं मिली!

NAVAL WAR

जर्मनी और ब्रिटेन के मध्य नवल वॉर शुरू हो गई लेकिन यहाँ जर्मनी की बनायीं गयी सबमरीन ने अलाईट शिप पर हमला करना शुरू कर दिया इन सबमरीन को U-Boats भी कहा जाता था!

AMERICA Enters in War

पहले तो जर्मनी अलाईट शिप पर ही हमला करता था लेकिन बाद में जर्मनी ने यात्री शिप्स पर भी हमला करना शुरू कर दिया! जिसमे आम लोग अमेरिका से यूरोप जाते थे एक बार 1200 लोगों की ऐसे ही एक शिप में मौत हो गयी! इसलिए अप्रैल 1917 में वॉर को ज्वाइन कर लिया क्योंकि अमेरिका के बहुत से लोग इस अटैक में मारे गए थे!

War कैसे ख़त्म हुई

अब U.S.A. ने रोज 10,000 सैनिक ब्रिटेन की तरफ से जर्मनी के खिलाफ भेज रहा था! और दूसरी ओर रसिया में एक क्रांति हुई और एक सरकार बनी फरवरी 1917 में! कुछ समय बाद अक्टूबर 1917 में एक ओर क्रांति आई जिसमे Vladimir Lenin ने सत्ता में आने के बाद जर्मनी के साथ शांति समझौता किया और अपनी ओर से युद्ध को रोक दिया! अब जर्मनी के खिलाफ एक तरफ लड़ाई चल रही थी ब्रिटेन और फ्रांस की तरफ से लेकिन अब अमेरिका भी ब्रिटेन के साथ खड़ा था जिसके पास बहुत सारी सेना और हथियार थे! अब अंत में अलाइड पॉवर की आर्मी ने हर तरफ से युद्ध जारी रखा और सेंट्रल पॉवर यानि जर्मनी ओटोमन पॉवर और ऑस्ट्रिया-हंगरी को हरा दिया! और 11 नवम्बर 1918 को सुबह 11 बजे जर्मनी के युद्ध विराम समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए अगले साल 28 जून 1919 को Treaty of Versailles फाइनल हो गया! इसके अनुसार इसकी बहुत शर्ते थी जिसमे जर्मनी को इस युद्ध का दोषी ठहराया गया और जर्मनी को बहुत सारा जुर्माना देना पड़ा जर्मनी बहुत सालों तक यह जुर्माना ख़त्म नहीं कर पाया और अभी-अभी 2010 में जर्मनी इस जुर्माने को चूका पाया है! और बहुत से देशों में बहुत ज्यादा कर्जा आ गया जिससे आर्थिक स्थिती बहुत ज्यादा बिगड़ गयी!

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इस War के क्या परिणाम रहे थे

इस युद्ध से बहुत से एम्पायर ख़त्म हुए जैसे जर्मनी एम्पायर, ऑस्ट्रिया-हंगरी एम्पायर, रसिया एम्पायर, ओटोमन एम्पायर!

बहुत से नए देश बने जैसे ऑस्ट्रिया, हंगरी, यूगोस्लाविया और बहुत से ऐसे देश जो ऑस्ट्रिया-हंगरी किंगडम के अंडर आती है इसके आलावा पोलैंड, इंग्लैंड, इस्टोनिया, लाटविया, लिथुआनिया जैसे बहुत से स्वंतंत्र देश!

लड़ाई के दौरान 17 मिलियन लोग मारे गए थे!

कई बीमारियाँ फ़ैलने के कारण इससे 50 मिलियन लोग मारे गए थे!

परुष जनसँख्या बहुत ज्यादा कम हो गयी थी!

इस युद्ध के बाद बहुत से देश क़र्ज़ में चले गए थे!

जर्मन कोल्लोनी अब ब्रिटिश और फ्रांस की हो गयी!

USA अन्तरराष्ट्रिय शक्ति बनने वाला था!

भारत में इस War का क्या प्रवाभ पड़ा था

भारत उस समय ब्रिटिश कोल्लोनी था तो 13,00,000 भारतीय सैनिक ब्रिटिश की ओर से लडे जिसमे 50,000 सैनिक मारे गए और इसके लिए ही INDIA GATE मेमोरियल बनाया गया था!

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