Biography of Robert Koch(रोबर्ट कोच की जीवनगाथा)

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Biography of Robert Koch(रोबर्ट कोच की जीवनगाथा)
Biography of Robert Koch(रोबर्ट कोच की जीवनगाथा)

रोबर्ट कोच को फादर ऑफ मोर्डेन माइक्रो बायोलॉजी कहा जाता है | सबसे पहले माइक्रो ओर्गेनिस्म की स्टडी सिंपल माइक्रोस्कोप से एंटनवैन लुओन होक ने ही शुरू की थी लेकिन वो स्टडी को अंजाम तक नहीं पहुंचा सके! उसके करीब 200 साल बाद रोबर्ट कोच आये जिन्होंने उनकी स्टडी को जारी किया और जिसे अंजाम तक पहुंचा दिया | रोबर्ट कोच ने 1883 में यह बता दिया कि यह जो बीमारियाँ है यह बेक्टेरिया से होती है | इसलिए रोबर्ट कोच को फ़ादर ऑफ़ मोर्डेन माइक्रो बायोलॉजी कहा जाता है |

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रोबर्ट कोच का जीवन की घटनाएँ

रोबर्ट कोच का जन्म 11 दिसम्बर 1843, को जर्मनी में हुआ था | इन्हें पढ़ने लिखने का बहुत ज्यादा शौक था शुरुआत से ही यह बहुत इन्टेलिजेंट थे | हाई स्कूल में इनके बहुत अच्छे मार्क्स आये इनका फिजिक्स और मैथ्स में बहुत ज्यादा इन्टरस्ट था | 1862 इन्होने जब University of Gottingen में ऐडमिशन लिया तबी इन्होने बायोलॉजी पढना शुरू किया | तब इनकी उम्र 19 साल की थी 1866 आते आते इन्होने ग्रेजुएशन कम्पलीट कर ली थी | जब इन्होने ग्रेजुएशन किया तभी से यह बिमारियों पे काम करने लग पढ़े थे | इन्होने 1880 से लेकर 1885 तक हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए काम किया | 1885-1890 तक यह प्रोफेसर रहे Berlin University में | इन्होने 1883 में जर्म थ्योरी दे दी थी जिस कारण यह पूरी दुनिया में फेमस हो गए थे |

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1854 में जब लंदन म कोलोरा फैला तब जॉन स्नो यह पता लगाया की इसका कुछ तो कारण है सभी ने इसको यह बता दिया कि हवा ही खराब है लेकिन जॉन स्नो इसका पता लगाना चाहते थे कि इसके फैलने का असली कारण क्या है | पहले तो इनको सबने नकारा परन्तु जब यह पता चला कि इसके फैलने का असली कारण गंदा पानी है तभी रोबर्ट कोच ने इस पर पेपर लिखे और 1883 में इन्होने जर्म थ्योरी दे दी | इन्होंने इस थ्योरी में इसके मुख्य चार तत्व बताये थे:

पहला तत्व बताता है कि कोई भी बीमार जीव है तो उसमे वायरस होगा ही होगा

दूसरा तत्व बताता है कि हमको उस बीमार जीव को देखना है और उसमें से वायरस को अलग करना है

तीसरा तत्व बताता है कि जो हमने बीमार जीव से वायरस को अलग किया है उसे दूसरे स्वस्थ जीव के अंदर डाल दो

चौथा तत्व बताता है कि जो स्वस्थ जीव था उसकी हालत भी बीमार जीव की तरह हो जाएगी

यही रोबर्ट कोच के चार तत्व थे जिन पर उन्होंने काम किया और जो उन्होंने जर्म थ्योरी में बताये थे | जब इन्होने यह साबित कर दिया कि वायरस या बेक्टेरिया से बीमारियाँ हो रही है तो इसके लिए दवाई बनाने का काम शुरू हो गया | इनके समान्तर लुइ पार्सर भी काम कर रहे थे वो भी इसी थ्योरी में ही काम कर रहे थे | उस समय टीवी और कोलोरा बहुत ज्यादा फैला हुआ था और रोबर्ट कोच ने यह साबित कर दिया कि यह सब वायरस या बेक्टेरिया के कारण फ़ैल रहा है | इसी को मध्य नजर रखते लुइ पार्सर ने इसकी वैक्सीन तैयार कर ली और इसी बात से रोबर्ट कोच उनसे नाराज हो गए कि उनसे पहले लुइ ने वैक्सीन कैसे तैयार कर ली | जिस वजह से इन दोनों में दुश्मनी शुरू हो गयी यह दोनों एक-दूसरे के प्रतियोगी हो गए इन दोनों में मुकाबला चलता ही रहा | एंथ्रेक्स की वैक्सीन तो लुइ पार्सर ने निकाल ली थी | तो इन्होने टीवी पे पुरे 6 साल काम किया और टीवी की वैक्सीन निकाल ली उस समय टीवी बहुत ही खतरनाक महामारी के रूप में जाना जाता था | जब रोबर्ट कोच ने टीवी की वैक्सीन निकाली तो वो बहुत ज्यादा प्रसिद्ध हो गए थे उनकी एक झलक पाने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती थी | इन्होने जो दवाई बनाई थी उसके बहुत से ख़राब परिणाम भी आये और इन्होने कहा कि एक्सपेरीमेंटल था जो इन्होने इंसानों पर किया | उस समय टीवी इतना ज्यादा फैला हुआ था कि रोज इलाज करवाने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती थी | यह पहले इंसान थे जिन्होंने यह बताया था कि टीवी के फैलने के क्या कारण है | इनकी वैक्सीन कामयाब तो नहीं हुई लेकिन टीवी के खिलाफ यह शुरूआत थी जो रोबर्ट कोच ने शुरू की थी | इसके बाद इन्होने कोलोरा पर काम करना शुरू कर दिया इसके लिए यह बॉम्बे आये थे क्योंकि उस समय यह महामारी बॉम्बे में बहुत ज्यादा फैली हुई थी | कोलोरा पे सर्च करने के लिए यह बहुत से देशों में गए | और इन्होने यह भी कहा कि यह बेक्टेरिया से फैलता है और जिसको भी यह बेक्टेरिया होता उसको आइसोलेट कर देते थे | इन्होने बहुत सी बीमारियों पर काम किया जिसके चलते इनको सन् 1905 में नावेल प्राइज दिया गया | इनको यह प्राइज टीवी की वैक्सीन बनाने के लिए दिया गया था | जब इन्होने इस वैक्सीन को तैयार किया था तो इन्हें जर्मनी के सर्वोच्च नागरिक का सम्मान दिया गया था | 9 अप्रैल 1910, को हार्ट अटैक के कारण इनका देहांत हो गया उस समय इनको इसका पूरा ईलाज न मिल सका जिस कारण इनका देहांत हो गया |

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